Friday, 14 October 2022

मुफ्त की नसीहत

 साथी चलती जा

उस राह पर 

जो तुमने अपने लिये खोजी थी

हां जरूर थोडी घुटन तो होगी


हां जब देखोगी, सोचोगी, समझोगी

सवाल तो उठेंगे 

कभी अपने आप पर, कभी हालातों पर

मगर याद रख ये सफर है मंझिल नही

थोडी घुटन तो जरूर होगी


ना सोच उसे जो शायद अब खो दिया,

शुकर है की राह में

उन पलों को जी भर के जी लिया

चलना तेरी प्रकृती है, रुकना नही

आगे बढना है, थोडी घुटन तो जरूर होगी


वो आरजू तो आज भी है,

उडने की, उन्ही आसमानो में 

जो तुम्हे मुस्कुराकर पुकारते हैं

तू फिर चल, ये राह तुझे फिर गले लगायेगी

हां, कुछ पलों की घुटन तो होगी


दो पल ठहेर जा, उस मोड पर

जो शायद आज तुझे अंजान नजर आता है

फिर चलना है, दौडना है और थकना भी है

जाना जो है, जिंदगी की तरफ, रुह की तरफ.

पल दो पल की घुटन जरूर होगी

No comments:

Post a Comment